हर सफर खुद एक मंजिल है और हर रास्ता... एक मुसाफिरजिंदगी के सफर में देखो तो कितनीदूर निकल आए हम आओ यार, दो घड़ी सुस्ताएंकुछ अपनी कहें, कुछ तुम्हारी सुनाएं यादों के बादल उड़ाएंहम ... तुम ... और हमसफर LIVE