कुरल काव्यसन्त तिरुवल्लुवर ने किसी राज्य, देश, भाषा या धर्म की बात न करके, समग्र विश्व के मानव कल्याण हेतु प्रेरणास्पद सूत्र दिए हैं। उनके विशद ज्ञान व बौद्धिक क्षमताओं से मैं अभिभूत हूँ। -ए.पी.जे. अब्दुल कलाम