
इसमें हम साधारण तरीक़े से न्यारी न्यारी talks करेंगे कभी कविताएँ कभी कहानी कभी गाँव शहर की बात कभी भूली बिसरी बातें कभी हमारी संस्कृति खान पान रहन सहन के बातें...जिसके माध्यम से हम कभी खुद को अतीत से जोड़ सके कभी अतीतवर्तमान का संयोग कर सके कभी भविष्य का सोच सके....