वो यादें जो भूल गए थे, आप और हम। गुदगुदाती हैं, आज भी चुपके से अगर याद आ जाएं। कभी सिहरन पैदा करती हैं, जो भूल न भुलाई जाए। मैं भी गुज़रा हूं, उन राहों से आप जैसे दोस्तों के साथ, और साझा करूंगा अरसे बाद आप सबके साथ। बस अगली बार मिलने तक इंतजार...