ख्यालों से ख्यालों के सफ़र तक...कुछ तुम से कुछ हम से..ले चलुगा मैं तुम्हेँ अपनी कहाँनियों से..कुछ कहें कुछ अनकहे ज़िन्दगी के सफ़र में ✍️