योगमाया एक स्वधारित क्रिया के साथ स्वायन क्रिया भी है | योगमाया के द्वारा आप अपने सभी कर्मो के दुष्प्रभाव से मुक्त होते है | योग और माया दोनों व्यक्ति के जीवन में सदैव छटी रहती है |